संविधान, आरक्षण व सामाजिक न्याय पर हमले के खिलाफ गणतंत्र दिवस को संकल्प दिवस के रूप में मनाएं : दीपंकर

संविधान बचाने का ही एजेंडा इस बार होगा चुनाव का होगा मैनिफेस्टो.
आरक्षण खत्म करने के एजेंडे पर काम कर रही मोदी सरकार. 200 रोस्टर प्रणाली को बहाल करने की मांग.
10 प्रतिशत तथाकथित आर्थिक आधार पर आरक्षण संविधान की बुनियादी अवधारणा के खिलाफ
मोदी सरकार का जाना तय, बिहार में विपक्षी दलों के बीच सम्मानजनक वार्ता आरंभ होनी चाहिए.
आंदोलनों की ऊर्जा वामपंथ के पास, माले ने बिहार में छः सीटों पर चुनाव की तैयारी आरंभ की.

पटना 24 जनवरी 2019

भाकपा-माले महासचिव काॅ. दीपंकर भट्टाचार्य ने आज पटना में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि आज कर्पूरी ठाकुर की जयंती है और कल सुभाष चंद्र बोस की जयंती थी. ये लोग हमारे प्रेरणास्रोेत है और आज के दौर में बेहद प्रांसगिक है.

उन्होंने कहा कि आज मोदी राज में संविधान पर लगातार हमला हो रहा है और उसके मूलभूत प्रावधानों को उलट देने काम किया जा रहा है. अंबेदकर ने सामाजिक पिछड़ान, छुआछुत आदि कुप्रथाओं को खत्म कर सामाजिक न्याय के लिए आरक्षण का प्रावधान किया था, लेकिन आज मोेदी सरकार उसपर लगातार हमला कर ही है. हमने देखा कि मोदी सरकार ने आनन-फानन में आर्थिक आधार पर आरक्षण बिल को पेश किया और उसे पारित करवाया. यह संविधान के मूलभूत प्रावधानों के खिलाफ है. दरअसल, मोदी सरकार आरक्षण को ही पूरी तरह खत्म कर देना चाहती है और उसी एजेंडे पर लगातार आगे बढ़ रही है. अभी विश्वविद्यालयों में 200 प्वांयट रोस्टर को बदलकर 13 प्वायंट रोस्टर लागू किया जा रहा है. यदि यह लागू हो जाता है तो विश्वविद्यालयों में शिक्षक बहाली में आरक्षण लगभग खत्म हो जाएगा. देश के सामने आज ये बड़ी चुनौतियां है.

नागरिकता संशोधन कानून को भी जिस तरह पेश और पास किया गया है वह भी बेहद खतरनाक है. इसके कारण देश के सामने बहुत बड़ा संकट उपस्थित हो गया है. आज नार्थ इस्ट में लोग सड़कों पर हंै. एनआरसी से लाखों की तादाद में लोगों को बाहर किया जा रहा है. भाजपा वाले गलत प्रचार कर रहे थे कि जो बाहर हो रहे हैं, उन्हें सिटीजनशिप में सुधार करके अंदर कर लिया जाएगा लेकिन अब यह स्पष्ट हो गया कि आॅटोमेटिक तरीके से वे अंदर नहीं होंगे. भाजपा अध्यक्ष अमित शाह कह रहे हैं कि इससे हिंदुओं को डरने की जरूरत नहीं है तो क्या यह देश के मुसलमानों को भयभीत करने के लिए है? दरअसल, अंदर-बाहर करने के नाम पर यह देश को विभाजित करने की कोशिश है. इस तरह आज देश के संविधान, सामाजिक न्याय की बुनियादी धारणा, नागरिकता की परिभाषा पर ही हमला हो रहा है. इसके खिलाफ हमने 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के अवसर पर संविधान बचाओ-देश बचाओ नारे के साथ संकल्प दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया है.

देश में चले जबरदस्त किसान आंदोलन के बाद हमने विगत 8-9 जनवरी को मजदूर वर्ग की ऐतिहासिक हड़ताल को देखा. आने वाले दिनों में 7 फरवरी को रोजगार के सवाल पर यंग इंडिया अधिकार मार्च का आयोजन किया जा रहा है. रोजगार के सवाल पर दिल्ली में मार्च होगा. बिहार में स्कीम वर्करों के विभिन्न तबके संघर्ष के मैदान में हंै. एक महीने की हड़ताल के बाद आशा कार्यकर्ताओं को 1 हजार मानदेय देने की घोषणा हुई है. अब रसोइया संगठनों की हड़ताल चल रही है. इनकी मांगें बेहद वाजिब है. स्वास्थ्य सेवा, मिड डे मिल, आशा-आंगनबाड़ी आदि तबकों को सरकार सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने, यहां तक कि न्यूनतम मजदूरी देने से भी इंकार कर रही है. जो सरासर अन्याय है.

अतः इस बार संविधान को बचाने का ही एजेंडा चुनाव का एजेंडा व मैनिफेसटो होगा. मोदी सरकार की विदाई तय हो चुकी है. ऐसे में आने वाली सरकार पर संविधान की रक्षा का दायित्व होगा. जनता के सवालों पर चुनाव का चार्टर बनना चाहिए. किसानों, मजदूरों, स्कीम वर्करों, छात्र-नौजवानों की मांगों के साथ-साथ मानवाधिकार की हिफाजत, पत्रकारिता पर सेंसरशिप खत्म करने, यूएपीए के नाम पर आनंद तेलतुंबड़े जैसे व्यक्तित्व को प्रताड़ित करने, कालू कानूनों पर रोक, रोजगार की गारंटी, न्यूनतम मजदूरी की गारंटी आदि सवाल ही चुनाव के एजेंडे होंगे.

उन्होंने उम्मीद जताई कि भाजपा के खिलाफ बिहार में एक सार्थक गठबंधन बनेगा जिसमें वैचारिकता, विश्वसनीयता व आंदोलनों की ताकत होनी चाहिए. निश्चित रूप से आंदोलनों की ताकत व उर्जा वामपंथ के पास है. यह ताकत गठबंधन को मिले, ऐसी हम उम्मीद करते हैं. क्योंकि पिछले गठबंधन के हश्र को हम सब देख चुके हैं और नीतीश कुमार के विश्वासघात को भुगत चुके हैं. भाजपा विरोधी दलों के बीच अब वार्ता आरंभ होनी चाहिए. हम चाहते हैं कि सभी दलों के बीच एक सार्थक बातचीत हो, सम्माजनक तालमेल हो और कोई रास्ता निकाला जाए.

उन्होंने कहा कि बिहार राज्य कमिटी की बैठक में पार्टी ने 6 लोकसभा सीटों आरा, सिवान, काराकाट, पाटलिपुत्र, जहानाबाद, सिवान, वाल्मिकीनगर में अपने चुनाव की तैयारी आंरभ कर दी है.

संवाददाता सम्मेलन में उनके साथ पार्टी के राज्य सचिव कुणाल, पोलित ब्यूरो के सदस्य काॅ. धीरेन्द्र झा व वरिष्ठ नेता केडी यादव भी शामिल थे.

 

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