आशाकर्मियों द्वारा सिविल सर्जन का घेराव मंगल पांडेय के बयान का करारा जवाब : धीरेन्द्र

पटना 10 दिसंबर 2018

भाकपा-माले के पोलित ब्यूरो सदस्य व अखिल भारतीय खेत व ग्रामीण मजदूर महासभा के महासचिव काॅ. धीरेन्द्र झा ने आज पूरे बिहार में अनिश्चितकालीन हड़ताल कर रही आशाकर्मियों द्वारा सिविल सर्जन के घेराव को स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय के बयान का करारा जवाब बताया है. कुछ दिन पहले मंगल पांडेय ने कहा था कि बिहार में आशाकर्मियों की कोई हड़ताल नहीं है बल्कि भाजपा-जदयू राज में उनके लिए मंगल ही मंगल है. आज हजारों की संख्या में सड़कों पर उतरकर आशाकार्यकर्ताओं ने बता दिया कि सरकार झूठ बोलना बंद करे और आशाकर्मियों की मांगों को अविलंब पूरा करे.

उन्होंने आगे कहा कि यह सरासर अन्याय है कि आशाकर्मियों से 24 घंटे काम लिया जाता है लेकिन उन्हें वेतनमान नहीं दिया जाता है. इसलिए केंद्र व राज्य सरकार पर न्यूनतम मजदूरी कानून के उल्लंघन का मामला दर्ज होना चाहिए. आशा कार्यकर्ताओं को मासिक मानदेय नहीं मिलना सामाजिक न्याय व संवैधानिक व्यवस्था का भी उल्लंघन है. ऐसे जघन्य अपराध के लिए भाजपा-जदयू सरकार को किसी भी सूरत में नहीं माफ किया जा सकता है.

कहा कि 10 दिनों के उपरांत भी सरकार का एक अदना सा प्रतिनिधि आंदोलनरत आशाओं से मिलना मुनासिब नहीं समझा. हड़ताल की वजह से ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह ठप्प पड़ गई हैं, लेकिन सरकार को इसकी तनिक भी चिंता नहीं है. हम बिहार के मुख्यमंत्री से मांग करते हैं कि इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करें और आशाकर्मियों की मांगों को पूरी करते हुए हड़ताल खत्म करवाएं.

 

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