10 सितंबर को आहूत अखिल भारतीय हड़ताल ने मोदी सरकार के खिलाफ जनविक्षोभ को जाहिर किया

वाम दलों की ओर से विगत 10 सितंबर 2018 को आहूत अखिल भारतीय हड़ताल को मिले व्यापक जनसमर्थन ने मोदी सरकार की नीतियों, कारपोरेटपरस्ती तथा देश की जनता पर थोपी गई महंगाई और आर्थिक बोझ के खिलाफ उभर रहे जनाक्रोश की मुखर अभिव्यक्ति दी है. वाम दलों की यह अखिल भारतीय हड़ताल कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दलों द्वारा आहूत भारत बंद को देखते हुए आयोजित की गई थी. देश भर में लाखों की तादाद में जनता सड़कों पर उतरी और उसने पेट्रोल-डीजल-गैस की बेलगाम बढ़़ती कीमतों, बढ़ती बेरोजगारी, भूमि अधिग्रहण, बैंक घोटालों तथा नोटबंदी और संघ-भाजपा द्वारा देश भर में सांप्रदायिक जहर फैलाकर जनता के बीच पैदा किए जा रहे विभाजन की नीतियों के प्रति अपनी असहमति को मजबूती से जाहिर किया.

वाम दलों ने कहा कि लगातार बढ़ती कीमतों ने देश के अर्थतंत्र में भारी गतिरोध तथा रोजगार के अवसरों में कटौती को बढ़ावा दिया है. मोदी सरकार ने फसलों के उचित मूल्य और सस्ते कर्ज की मांगों को निर्मतापूर्वक ठुकरा दिया है. वहीं अपने चार सालों के शासन के दौरान उसने कारपोरेट लुटेरों द्वारा लिए गए बैंक कर्जों के मामले में कई लाख करोड़ रुपयों की माफी तथा एनपीए और घोटालों की खुली छूट देने के जरिए बैंकिंग व्यवस्था को तबाही के कगार पर पहुंचा दिया है. राफेल युद्धक विमानों की खरीद जैसे कई मामलों में भारी घोटाला हुआ है. हड़ताल के दौरान पूरे देश में आर्थिक गतिविधियों पर व्यापक असर पड़ा तथा लोगों ने भारी तादाद में सड़कों पर उतरकर रेल रोको, रास्ता रोको, जुलूस, प्रदर्शन, मशाल जुलूस और धरना तथा पुतला दहन जैसे विविध कार्यक्रमों के जरिए यह संदेश दिया कि मोदी सरकार के गिने-चुने दिन ही शेष रह गये हैं. अखिल भारतीय हड़ताल और भारत बंद की शानदार सफलता से हताश भाजपा नेताओं ने हिंसा फैलाने के झूठे आरोपों के जरिए इसे बदनाम करने के प्रयास किए और केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद द्वारा पेट्रोल-डीजल-गैस की मूल्य वृद्धि को लेकर झूठे बयान दिए. इससे भी भाजपा को भारी फजीहत और निंदा का सामना करना पड़ा.

देश की राजधानी दिल्ली में वाम दलों ने जुलूस और धरना आयोजित कर अखिल भारतीय हड़ताल और भारत बंद को सफल बनाया. पुलिस ने वाम दलों के जुलूस को घंटों तक रोक रखा. जुलूस-धरना को संबोधित करते हुए माकपा महासचिव कॉ. सीताराम येचुरी, भाकपा महासचिव सुधाकर रेड्डी तथा भाकपा(माले) केन्द्रीय कमेटी के सदस्य कॉ. पुरुषोत्तम शर्मा आदि समेत वाम दलों नेताओं ने देश की जनता से भाजपा राज के खिलाफ जनांदोलन तेज करने का आह्वान किया.

भाकपा(माले) के महासचिव कामरेड दीपंकर भट्टाचार्य ने भारत बंद के दौरान झारखंड के कोडरमा जिले के झुमरी तिलैया में सैकड़ों बंद समर्थकों के विशाल जुलूस का नेतृत्त्व किया और अंत में कोडरमा के मुख्य चौक पर सभा की. पार्टी के कोडरमा जिला सचिव कॉ. मोहन दत्ता और विधायक कॉ. राजकुमार यादव भी उनके साथ थे.

असम के सभी शहरों में लोगों ने बंद में हिस्सा लिया. जोरहाट में भाकपा(माले) के बैनर तले सैकड़ों बंद समर्थकों ने रेलमार्ग को घंटों बाधित किया जबकि डिब्रूगढ़ समेत विभिन्न स्थानों पर जुलूस निकाल कर मोदी सरकार के पुतले जलाये गये और सड़क मार्ग को घंटों बाधित किया गया. कार्बीआंग्लांग में समूचा बाजार बंद रहा और आर्थिक क्रियाकलाप ठप रहे. पश्चिम बंगाल और त्रिपुरा में भारत बंद पूरी तरह से सफल रहा. कोलकाता में भाकपा(माले), माकपा, भाकपा व अन्य वाम दलों के नेताओं ने मौलाली से मल्लिकबाजार तक एक विशाल प्रदर्शन निकाल भारत बंद को सफल बनाया. प्रदर्शन के नेतृत्वकारी कामरेडों में भाकपा(माले) के राज्य सचिव का. पार्थ घोष शामिल रहे. सिलिगुड़ी में भी पार्टी केन्द्रीय कमेटी सदस्य अभिजित मजुमदार और गौरी दे के नेतृत्व में बंद के समर्थन में जुलूस निकला.

राजस्थान में भारत बंद का व्यापक प्रभाव पड़ा और राज्य भर लाल झंडे की विशाल लहर उमड़ती देखी गई. जयपुर में भाकपा (माले) समेत सभी वाम दलों ने मिलजुलकर जुलूस निकाला. उदयपुर समेत कई शहरों में दूकानें व बाजार पूरी तरह बंद रहे और सड़कों पर प्रदर्शन-जुलूस और नारों की गूंज सुनाई देती रही. पंजाब के मानसा, बठिंडा, बरनाला, लुधियाना, गुरदासपुर, बटाला आदि जिलों में भाकपा(माले) के कार्यकर्ता बंद को सफल बनाने के लिये सड़क पर उतरे.

कर्नाटक में वाम दलों ने संयुक्त रूप से राजधानी बेगलुरू, मैसूर और गंगावती समेत राज्य के कई हिस्सों में भारत बंद को सफल बनाया. भाकपा(माले) कार्यकर्त्ताओं ने आंध्रप्रदेश के तेनाली, काकीनाड़ा, मंगलागिरी और गुंटूर जिले के वेनुकोंडा समेत कई जगहों पर भारत बंद और आम हड़ताल की अगुआई की.

उत्तराखंड के बिंदुखत्ता में भाकपा(माले) के बैनर तले एक प्रतिवाद मार्च निकाला गया. गढ़वाल अंचल में जोशीमठ, गोपेश्वर, श्रीनगर आदि समेत कई स्थानों पर वाम दलों के संयुक्त प्रदर्शन आयोजित हुए. वाम दलों ने हरियाणा के करनाल और असंध, मध्य प्रदेश के ग्वालियर और भिंड, मुंबई तथा दिल्ली के बवाना, नरेला, वजीरपुर आदि समेत कई औद्योगिक इलाकों में भारत बंद और हड़ताल के दौरान प्रदर्शन आयोजित किए.

पेट्रोल-डीजल-गैस की मूल्यवृद्धि समेत मोदी सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ 10 सितंबर को देशव्यापी आम हड़ताल को सफल बनाने के लिए उत्तर प्रदेश में माले कार्यकर्त्ता सड़कों पर उतरे. रोबर्ट्सगंज (सोनभद्र) में आम हड़ताल को सफल बनाने के लिए जुलूस निकाल रहे पार्टी कार्यकर्त्ताओं को गिरफ्तार कर लिया गया. राजधानी लखनऊ में कैसरबाग से जीपीओ पार्क तक निकाले गए मार्च में भाकपा(माले), माकपा, भाकपा और फारवर्ड ब्लॉक के कार्यकत्ताओं ने हिस्सा लिया. हड़ताल के समर्थन में मिर्जापुर, गाजीपुर, बलिया, देवरिया, महाराजगंज, गोरखपुर, मऊ, आजमगढ़, इलाहाबाद, चंदौली, भदोही, लखीमपुर खीरी, पीलीभीत जालौन, मुरादाबाद, मथुरा में भी जुलूस-प्रदर्शनों का आयोजन हुआ.

झारखंड में सैकड़ों नेता-कार्यकर्त्ता भारत बंद के समर्थन में सड़कों पर उतरे. गढ़वा में बंद के दौरान रंका मोड़ पर जिला सचिव कालीचरण मेहता समेत 132 माले कार्यकर्त्ताओं को पुलिस ने गिरफ्तार किया. पलामू और लातेहार जिलों के डाल्टेनगंज और बरवाडीह में भी माले कार्यकर्त्ता सड़कों पर उतरे. राजधानी रांची में वाम दलों की ओर से जोरदार प्रदर्शन किया गया. भाकपा(माले राज्य सचिव का. जनार्दन प्रसाद, केन्द्रीय कमेटी सदस्य का. शुभेन्दु सेन, जिला सचिव भुवनेश्वर केवट के नेतृृत्व में सैकड़ों पार्टी कार्यकर्त्ता सड़क पर उतरे. यहां भाकपा(माले), माकपा, भाकपा, मासस, आरएसपी और एसयूसीआई के नेता-कार्यकर्त्ता भी साथ थे. अल्बर्ट एक्का चौक पर प्रदर्शन कर रहे सभी लोगों को गिरफ्तारी हुई और उन्हें मोरहाबादी मैदान कैम्प जेल में रखा गया.

रामगढ़ में माले समर्थकों ने जिसमें सैकड़ों महिला-पुरुष शामिल थे जिला सचिव भुवनेश्वर बेदिया के नेतृत्त्व में जुलूस निकाला और पुलिस को धत्ता बताते हुए सड़कों पर घूमते रहे. कई घंटे तक पुलिस के साथ नोकझोंक चलती रही. अंततः पुलिस उनको गिरफ्तार कर रामगढ़ फुटबाल मैदान ले गई. धनबाद में वाम दलों ने निरसा, मुगमा, केलियासोल, कुमारधुबी, चिरकुंडा और मैथन आदि समेत जिले के सात स्थानों पर जुलूस निकाला और गिरफ्तारी दी. धनबाद, गोविंदपुर, बाघमारा, सिंदरी और बलियापुर में बंद का जुलूस निकला और गिरफ्तारी हुई.

गिरीडीह में माले नेताओं राजेश यादव और राजेश सिन्हा की अगुआई में बंद का जुलूस निकला. बगोदर में झामस महासचिव परमेश्वर महतो के नेतृत्व में सुबह 6 बजे से ही सड़कों पर जुलूस निकाला पूरे बाजार से होकर घूमते हुए जीटीरोड चौराहे पर जमा होकर साढ़े चार घंटों तक सभा करते रहे. सरिया में माले जिला कमेटी सदस्य भोला मंडल की अगुआई में एक हजार से अधिक लोगों ने बंद के समर्थन में जुलूस निकाला और रांची-दुमका पथ को तीन घंटों तक जाम कर सभा आयोजित की. डुमरी प्रखंड में बंद के दौरान 25 कार्यकर्त्ता गिरफ्तार हुए. जमुआ और देवरी में भी माले नेताओं की अगुआई में बंद समर्थक जुलूस निकाला गया.

रांची जिला के बुंडू, गुमला, जमशेदपुर, लोहरदगा, देवघर, जामताड़ा, गोड्डा आदि जिलों में भी सैकड़ों माले समर्थकों ने स्थानीय नेताओं की अगुआई में भारत बंद में हिस्सा लिया.

बिहार की राजधानी पटना में माले कार्यकर्त्ताओं ने सुबह आठ बजे ही गांधी मैदान स्थित जेपी गोलंबर को जाम कर दिया. गांधी मैदान से बंद समर्थकों की भारी तादाद के साथ वाम दलों का संयुक्त मार्च निकाला गया. इस मार्च में माले के राज्य सचिव कुणाल तथा पोलित ब्यूरो सदस्य धीरेन्द्र झा, वरिष्ठ नेता केडी यादव, राजाराम, ऐपवा की राज्य अध्यक्ष सरोज चौबे व सचिव शशि यादव, ऐक्टू के राष्ट्रीय महासचिव का. आर.एन. ठाकुर, कर्मचारी नेता का. रामबली प्रसाद, इनौस नेता का. नवीन कुमार, पटना नगर के सचिव अभ्युदय, ऐक्टू के नेता रणविजय कुमार आदि समेत भाकपा, माकपा, एसयूसीआई (कम्युनिस्ट) और फारवर्ड ब्लॉक के राज्य नेता भी शामिल थे.

पटना में छात्र संगठनों ने पटना विश्वविद्यालय से बंद का जुलूस निकाला जिसका नेतृत्व आइसा के राज्य सचिव मुख्तार व एआईएसएफ के राज्य सचिव सुशील कुमार ने संयुक्त रूप से किया. दोनों जुलूस एक साथ मिलकर जेपी गोलंबर से रेडियो स्टेशन होते हुए डाकबंगला चौराहा पहुंचे जहां एक सभा आयोजित की गई. सभा समाप्ति के बाद स्टेशन गोलंबर होते हुए इनकम टैक्स चौराहे तक मार्च किया गया.

आरा बस स्टैंड को सुबह छह बजे से ही जाम किया गया और जिला सचिव जवाहरलाल सिंह, विधायक सुदामा प्रसाद और युवा नेता राजू यादव के नेतृत्त्व में जुलूस निकालकर बाजार बंद कराया गया और टाऊन थाना मोड़ पर सभा आयोजित की गई. बक्सर जिले के बक्सर, डुमरावं और नवानगर में भाकपा(माले) नेताओं व समर्थकों ने जुलूस निकालकर भारत बंद को सफल बनाया.

नालंदा जिले के राजगीर में भाकपा(माले), माकपा, राजद कार्यकर्त्ताओं ने श्रमजीवी एक्सप्रेस को आधे घंटे तक रोके रखा. वहां से जुलूस निकालकर राजगीर बाजार को बंद कराया. राजगीर बस स्टैण्ड चौराहे पर सड़क जाम कर बैठे. बिहारशरीफ, हिलसा, इस्लामपुर तथा परवलपुर में भी माले कार्यकर्त्ता सड़कों पर उतरे. हिलसा में कई लोग गिरफ्तार हुए. औरंगाबाद जिले के ओबरा में जिला सचिव मुनारिक राम तथा दाऊदनगर में जनार्दन प्रसाद के नेतृत्त्व में जुलूस निकालकर भारत बंद सफल बनाया गया.

गया में भाकपा(माले), भाकपा और माकपा के सैकडों कार्यकर्त्ताओं ने जिला मुख्यालय गया समेत सभी प्रखंड मुख्यालयों में जुलूस निकाला और बाजार तथा दूकानें बंद करने की अपील की. अरवल में माले जिला सचिव महानंद के नेतृत्त्व में भगत सिंह चौक पर जाम किया गया और अरवल जहानाबाद पथ पर परिचालन बंद कराया. जहानाबाद में भाकपा(माले), भाकपा और एसयूसीआइसी नेताओं-कार्यकत्ताओं के नेतृत्व सैकड़ों बंद समर्थकों ने जुलूस निकालकर भारत बंद को सफल बनाया. नवादा में भाकपा(माले), भाकपा और माकपा समर्थकों ने जुलूस निकाला. प्रजातंत्र चौक पर पुलिस ने बंद समर्थकों पर लाठियां बरसायीं और एक पुराने मामले में नामजद दो माकपा नेताओं को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. पुलिस लाठीचार्ज में स्कूली बच्चों को भी चोटें आईं.

मोतिहारी (पू. चंपारण) में भाकपा(माले) समेत वाम दलों ने स्टेशन परिसर से संयुक्त जुलूस निकाला. सुगौली और हरसिद्धि में भी बंद के लिए जुलूस निकाला गया. प. चंपारण के नरकटियागंज में रेल मार्ग और मैनाटांड़ में सड़क जाम किया गया. सीवान में भाकपा(माले) जिला सचिव कॉ. नैमुद्दीन अंसारी और पूर्व विधायक कॉ. अमरनाथ यादव की अगुआई में जुलूस निकाल सैकड़ों बंद समर्थकों ने शहर बाजार को बंद कराया.

मुजफ्फरपुर में भाकपा(माले), आइसा और इंसाफ मंच के कार्यकर्ताओं ने रेल लाइन को बाधित किया. एनएच 57 को बोचहां और गायघाट में तथा एनएच 107 मुजफ्फरपुर-हाजीपुर को तुर्की में जाम किया गया. एनएच 28 को सकरा के सुजायतपुर और बंदरा के बड़गांव चौक पर जाम किया गया. वैशाली जिले के बिदुपुर में माले नेता विशेश्वर यादव के नेतृत्त्व में एनएच 322 को जाम किया गया.

दरभंगा में जयनगर-पटना कमला-गंगा सुपर फास्ट रोकी गई और मिर्जापुर में बहेड़ी पथ को सुबह 5 बजे से ही जाम रखा गया. भाकपा(माले) समेत अन्य वाम दलों के समर्थकों ने पोलो मैदान से जुलूस निकाला और लहेरियासराय टावर, हाजमा चौक, बाकरगंज कमर्शियल चौक होते हुए लहेरियासराय टावर को जाम किया और गिरफ्तार हुए. दरभंगा स्टेशन पर बिहार संपर्क क्रांति को भी रोका गया. दरभंगा के हायाघाट में समस्तीपुर-दरभंगा पैसेंजर ट्रेन रोकी गई तथा बिरौल में हाटी कोठी पुल को जाम किया गया. मधुबनी रेलवे स्टेशन पर भाकपा(माले) कार्यकर्त्ताओं ने जयनगर-समस्तीपुर पैसेंजर ट्रेन को एक घंटा तक बाधित किया. जयनगर में अन्य दलों के साथ मिलकर जुलूस निकाला गया बिस्फी में सड़क जाम हुआ और बेनीपट्टी में अम्बेदकर चौक पर सभा की गई. समस्तीपुर में जिला व अनुमंडल मुख्यालयों पर भाकपा(माले), भाकपा और माकपा का संयुक्त जुलूस निकालकर भारत बंद को सफल बनाया. सुपौल में भाकपा(माले), भाकपा और माकपा के सैकड़ों समर्थकों ने सड़क पर उतरकर बंद को सफल बनाया.

भागलपुर में भाकपा(माले) समेत वाम दलों के कार्यकर्त्ताओं ने शहर के मुख्य चौराहे स्टेशन चौक पर जमा हुए और वहां से जुलूस निकाला. पूरे शहर में घूमने के बाद स्टेशन चौक लौटकर जनसभा आयोजित की गई. जिले के नौगछिया में भी वाम दलों का संयुक्त जुलूस निकाल भारत बंद को सफल बनाया गया. गया में जिला सचिव का. निरंजन प्रसाद और ऐपवा नेता का. रीता के नेतृत्व में बंद के समर्थन मं जुलूस निकाला गया. पूर्णियां में आरएन साह चौक सहित शहर के सभी चौराहों पर भाकपा(माले) और वाम दलों की ओर से सड़क जाम हुआ और प्रतिवाद सभा आयोजित हुई. कटिहार में माले विधायक कॉ. महबूब आलम ने जुलूस का नेतृत्त्व करते हुए भारत बंद कराया. रोहतास, बांका, कैमूर, अररिया और बेगूसराय आदि जिलों में भी भारत बंद के दौरान भाकपा(माले) के बैनर तले जुलूस निकाला गया तथा बाजार व दूकानों को बंद कराया गया.

अखिल भारतीय हड़ताल और भारत बंद की भारी सफलता ने मोदी सरकार के प्रति जनता में मौजूद भारी गुस्से को जाहिर किया है. यह जनाक्रोश इस जनविरोधी, भ्रष्ट और फासिस्ट राज के अंत की शुरूआत साबित हो सकता है.

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