#Corona #LockDown से उत्पन्न भीषण संकट में भी प्रशासन का रवैया दमनात्मक #CPIML


जहानाबाद व गोपालगंज में गरीबों के साथ पुलिस-प्रशासन द्वारा मारपीट की घटना बेहद निंदनीय.
जहानाबाद में माले नेता योगेन्द्र यादव सहित गिरफ्तार अन्य तीन लोगों को अविलंब रिहा करो.

30 मार्च 2020भाकपा-माले राज्य सचिव कुणाल ने कोरोना व कोरोना की रोकथाम के लिए लागूू किए गए लाॅकडाउन के इस बेहद भयावह व संकटपूर्ण दौर में भी पुलिस-प्रशासन द्वारा अपनाई जा रही दमनात्मक रवैये की कड़ी निंदा की है. कहा कि इस संकट के दौर में सभी को यह उम्मीद थी कि पुलिस-प्रशासन द्वारा जनता व गरीबों के साथ दोस्ताना व्यवहार अपनाया जाएगा, लेकिन वह अपने चरित्र के मुताबिक ही काम कर रहे हंै. उन्होने नीतीश कुमार से आग्रह किया कि पुलिस-प्रशासन की बढ़ती निरंकुशता पर रोक लगाएं, अन्यथा जनता का आक्रोश विस्फोटक हो जाएगा, जिसे फिर रोकना मुश्किल होगा.

कहा कि प्राप्त जानकारी के अनुसार जहानाबाद व गोपालगंज में पुलिस ने बेहद निंदनीय कार्रवाई है. समझाने-बुझाने के बजाए दमन का रास्ता अपनाना बेहद शर्मनाक है. जहानाबाद जिले के मोदनगंज प्रखंड के दयाली बिगहा गांव में विगत दिनों 40 मजदूर दुर्गापुर, पश्चिम बंगाल से आए थे. इन लोगों ने जांच-वगैरह सब करवा लिया. उसके बाद 6 मजदूर और पहुंचे, जो किसी कारण कोरोना से संबंधित जांच नहीं करवा पाए. भाकपा-माले जहानाबाद जिला कमिटी से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार आज गांव में अंचलाधिकारी पुलिस बल के साथ पहुंचे और समझाने वाले अंदाज में बात करने की बजाए उन 6 मजदूरों के साथ उदंडता के साथ पेश आए. उनके इस व्यवहार से गांव का माहौल बिगड़ गया और प्रशासन व ग्रामीणों के बीच तनातनी की स्थिति बन गई. तनातनी की स्थिति बनने के कुछ देर बाद ही अंचलाधिकारी लौट गए.

लेकिन कुछ समय पश्चात ही जिलाधिकारी व एसपी के नेतृत्व में एक बड़ा पुलिस दल गांव में आ धमका और गांव पहुंचते ही बिना किसी बातचीत के ग्रामीणों की अंधाधुध पिटाई शुरू कर दी. करीब 150 घरों की बस्ती में घरों में घुसकर व छत पर चढ़कर लोगों को पीटा गया. चापाकाल के हैंडल तोड़ दिए गए. इसके कारण पूरे गांव में भगदड़ की स्थिति भी बन गई. इसका विरोध करने पर भाकपा-माले नेता योगेन्द्र यादव सहित अन्य तीन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भी भेज दिया गया.


भाकपा-माले राज्य सचिव ने पार्टी के जहानाबाद के नेता काॅ. रामबलि सिंह यादव, गिरफ्तार माले नेता योगेन्द्र यादव की पत्नी और अन्य लोगों से फोन पर बात करके पूरे मामले का जायजा लिया.
उसी प्रकार गोपालगंज के भोरे प्रखंड के अंचलाधिकारी के दमनात्मक रवैये की वजह से आम जनता का गुस्सा आज फूट पड़ा. भाकपा-माले के गोपालगंज जिला सचिव इंद्रजीत चैरसिया के अनुसार अंचलाधिकारी जितेन्द्र कुमार सिंह लोगों के साथ मारपीट की घटना को लगातार अंजाम दे रहे हैं. जिसमें अब तक कई व्यक्ति बुरी तरह घायल हो गए हैं.

दो दिन पहले सीओ ने धरीक्षण मोड़ के पास कपड़ा प्रेस कर जीवन-यापन करने वाले 70 वर्षीय व्यक्ति को दुकान बंद करने के लिए पीट-पीट कर घायल कर दिया. दूसरी घटना में काली मोड़ पर 75 वर्षीय बूढ़े व्यक्ति को घर जाते समय पीट कर अधमरा कर दिया गया. तीसरी घटना विश्रामपुर की है, जिसमें सरसो के खेत में काम करने जा रही दो महिलाओं को बुलाकर पीटा गया. चैथी घटना खाना बना रहे दो लोगों की पिटाई से जुड़ा हुआ है. अंचलाधिकारी ने खाना बनाने वाला गैस चूल्हा व बर्तन आदि भी जब्त कर लिया. इससे आक्रोशित ग्रामीणों ने आज भोरे-मीरगंज पथ को जाम किया और सीओ की गुंडागर्दी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.

भाकपा-माले ने प्रशासन के इस दमनात्मक रवैये पर अविलंब रोक लगाने की मांग की है. साथ ही, जहानाबाद में माले नेता सहित अन्य लोगों की अविलंब रिहाई, वहां के डीएम-एसपी व मोदनगंज अंचलाधिकारी पर कड़ी कार्रवाई, गोपालगंज के भोरे के अंचलाधिकारी पर कार्रवाई तथा पीड़ितों के लिए तत्काल राहत मुआवजा देने की मांग की है.

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