पटना में सुगौली कांड के खिलाफ मध्यान्ह भोजन योजना समिति के कार्यालय के समक्ष जोरदार प्रदर्शन-

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार व उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी चुप्पी तोड़ो जवाब दो.

प्रदर्शनकारियों ने मध्यान्ह भोजन समिति के डायरेक्टर को अपना ज्ञापन सौंपा.
पटना 19 नवंबर 2019बिहार राज्य विद्यालय रसोईया संघ-संबंध एक्टू व भाकपा-माले के बैनर तले सुगौली कांड के खिलाफ मध्यान्ह भोजन योजना समिति के कार्यालय के समक्ष आज पटना में जुझारू प्रदर्शन किया गया और उसके डायरेक्टर को मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा गया. मांग पत्र में सुगौली कांड के दोषियों को अविलंब गिरफ्तार कने, घटना की न्यायिक जांच कराने, नवप्रयास एनजीओ को स्थाई रूप से प्रतिबंधित करने और मृतक मजदूरों के परिजनों केा 10-10 लाख व हर एक परिवार से एक सदस्य को एक नौकरी देने की मांग की गई है. डायरेक्टर ने प्रदर्शनकारियों को आश्वास्त किया कि उनकी मांगों पर कार्रवाई की जाएगी.

इसके पूर्व प्रदर्शनकारियों ने बुद्ध स्मृति पार्क से मार्च निकला और डाकबंगला चैराहा, कोतवाली होते हुए मध्यान्ह भोजन योजना समिति के कार्यालय पर पहुंचे थे. 

विदित हो कि पूर्वी चंपारण जिले के सुगौली प्रखंड के बंगरा गांव के केंद्रीकृत किचन के बॉयलर के फट जाने से 4 रसोइयों की मौत हो गई, 2 घायल हैं और कई लापता हैं. वहां रात में 12 मजदूर सोए हुए थे. 4ः30 बजे सुबह ही यह घटना घटित हुई. प्रदर्शन बुद्ध मार्ग से शुरू हुआ, जिसका नेतृत्व संघ की महासचिव सरोज चैबे, ऐक्टू के बिहार राज्य महासचिव आर एन ठाकुर ऐक्टू के राज्य सचिव रणविजय कुमार, ऐपवा की राज्य सचिव शशि यादव, बिहार राज्य विद्यालय रसोईया संघ की राज्य सचिव सोना देवी व रसोइया संघ की कोषाध्यक्ष राखी मेहता, राज्य पार्षद रीता देवी, पटना जिला सचिव माधुरी गुप्ता, तथा दमयंती सिन्हा, अनुराधा देवी, मधु आदि ने किया.

प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारी नव प्रयास एनजीओ के संचालक नरेंद्र सिंह को गिरफ्तार करो, सुगौली कांड की घटना की समग्र न्यायिक जांच कराओ, नवप्रयास एनजीओ को स्थाई रूप से प्रतिबंधित करो, मृतक मजदूरों के परिवार को 10-10 लाख रुपया मुआवजा व परिवार के एक सदस्य को नौकरी दो, घायल मजदूरों का इलाज मुफ्त कराओ एवं उनके परिवार को पांच लाख रुपया मुआवजा दो, मध्यान्ह भोजन योजना से एनजीओ को बाहर करो, केंद्रीकृत किचन व्यवस्था को खारिज कर विद्यालय आधारित किचन प्रणाली को मजबूत बनाओ, सुगौली कांड के जिम्मेवार मुख्यमंत्री व उपमुख्यमंत्री चुप्पी तोड़ो ,जवाब दो आदि नारे लगा रहे थे. 

मध्यान्ह भोजन योजना समिति के कार्यालय के सामने आयोजित सभा में वक्ताओं ने कहा कि 2016 में जब दिल्ली स्थित 13 एनजीओ को बिहार के 26 जिलों को सौंप दिया गया था तब से बिहार राज्य विद्यालय रसोईया संघ इसका लगातार विरोध करता रहा है और 40 दिन की हड़ताल में एनजीओ को बिहार से बाहर करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई थी. आगे वक्ताओं ने कहा कि सुगौली में नव प्रयास एनजीओ का उद्घाटन वहां के शिक्षा पदाधिकारी व बीडीओ ने 16 अक्टूबर 2019 को किया. एनजीओ के संचालक नरेंद्र सिंह ने न तो अनापत्ति प्रमाण पत्र लिया था और न ही सुरक्षा मानकों का ध्यान रखा था. वहां अकुशल मजदूरों के जरिए काम करवाया जाता था. बॉयलर में कोयला के जरिए स्टीम बनाया जाता था. स्टीम को कम या ज्यादा करने का कोई सिस्टम मौजूद नहीं था.

इसीलिए यह न सिर्फ सरकार की घोर संवेदनहीनता का परिचायक है, अपितु उसके मजदूर-विरोधी एवं रसोईया-विरोधी रवैये को भी दिखलाता है.इसीलिए बिहार राज्य विद्यालय रसोईया संघ तब तक अपना आंदोलन जारी रखेगा, जब तक इस कांड के दोषियों को सजा नहीं दी जाती है और एनजीओ को बिहार की मध्यान्ह भोजन योजना से बाहर नहीं किया जाता है. 

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