जुल्म-अत्याचार के खिलाफ लड़ने वाली साहसिक योद्धा थी कॉमरेड मंजू देवी

शहीद कॉमरेड मंजू देवी की 16 वीं बरसी के अवसर पर करपी में उनके स्मारक पर माल्यार्पण किया गया एवं श्रद्धांजलि सभा की गई

भाकपा माले के चर्चित नेत्री व गरीबों की आवाज उठाने वाली शहीद कॉमरेड मंजू देवी के 16 वीं बरसी के अवसर पर आज करपी में उनके शहीद स्मारक पर माल्यार्पण व मौन श्रद्धांजलि के बाद इनके स्मृति में श्रद्धांजलि सभा की गई .


इस अवसर पर भाकपा माले के जिला सचिव महानंद, राज्य कमेटी सदस्य रविंद्र यादव, मिथिलेश यादव, शाह शाद, अरवल नगर परिषद के वार्ड पार्षद मनोज यादव, राजेश्वरी यादव, बीरबल सिंह, शाह फराज, सुएब आलम, सुदामा सिंह, अवधेश सिंह समेत काफी संख्या में लोग शामिल हुए.
सबसे पहले करपी में स्थापित उनके मूर्ति पर माल्यार्पण किया गया. उनके स्मृति में सभा की गई.
सभा को संबोधित करते हुए भाकपा माले जिला सचिव महानंद ने कहा कि कामरेड मंजू दलित, गरीब, कमजोर वर्गों के अधिकार के लिए संघर्ष करने वाली महान योद्धा थी. वे गरीबों की आवाज अपनी जान की परवाह किए बगैर उठाती थीं. सामंती ताकतों द्वारा अत्याचार के खिलाफ आवाज बन गई थी. इस वजह से उन्हें सामंती ताकतों ने हत्या कर दिया. वे गरीबों की लोकप्रिय नेता थी. आज उनकी कमी महसूस जा रहा है.


आज जिस तरह से देश में फासीवाद का दौर चल रहा है. भाजपा राज में कोर्ट भी संविधान की रक्षा करने में विफल हो रही है. कोर्ट जहाँ भाजपा एवं उनके भक्तों के भावना का खयाल रखते हुए फैसला सुनाना शुरू कर दे तो अब लोकतंत्र, संविधान को बचाना मुश्किल है. आज गरीब-किसान, मजदूर, अल्पसंख्यक एवं महिलाओं के अधिकारों के ऊपर हमले हो रहे हैं. आज संघर्षों की ज्यादा जरूरत है. ऐसे दौर में कामरेड मंजू की कमी खल रही है.


वक्ताओं ने कहा कि कामरेड मंजू एक ऐसा समाज बनाने का सपना देखा था, जिसमें महिलाओं के ऊपर कोई फिल्म अत्याचार नहीं होगा, जिसमें गरीबों को जाति के नाम पर कोई भी प्रताड़ित नहीं करेगा. सम्प्रदाय के नाम पर आपस में धार्मिक उन्माद पैदा करने की कोई गुंजाइश नहीं होगी. वैसा समाज बनाने का सपना देखना सचमुच में आज कितना अहम है. हमें उनके सपनों के साकार करने के लिए आगे बढ़ना होगा. हमें उनके अधूरे कामों को पूरा करने के लिए जोर लगाने की जरूरत है. आज जोरदार आंदोलन करने की जरूरत है. व्यापक गरीब ,किसान, मजदूरों की एकता के बल पर लोकतंत्र, संविधान एवं अपने अधिकार की रक्षा के लिए संघर्ष तेज करने की जरूरत.

सभा की अध्यक्षता मिथिलेश यादव ने की. श्रद्धांजलि सभा को रविंद्र यादव, राजेश्वरी यादव, शाह शायद समेत कई नेताओं ने संबोधित किया.

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