बेगूसराय में उन्माद-उत्पात की ताकतों के हमले में घायल मो. कासिम से मिला माले प्रतिनिधिमंडल


अल्पसंख्यकों के खिलाफ दिन-रात जहर उगलने का नतीजा है यह घटना.
बिहार में अपराध की घटनाओं में बेतहाशा बढ़ोतरी, चुनाव जीतने के बाद भाजपा-संघ अपने असली रूप में.

पटना 28 मई 2019
भाकपा-माले राज्य सचिव कुणाल ने कहा है कि अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ भाजपा नेताओं द्वारा दिन-रात जहर उगलने का ही नतीजा है कि आज उन्हें एक बार फिर से जगह-जगह निशाना बनाया जा रहा है. जिस बेगूसराय से भाजपा के घोर आक्रमक सांप्रदायिक चेहरे गिरिराज सिंह की जीत हुई है, वहां मुस्लिम युवकों को चुनाव खत्म होते ही निशाना बनाया गया है और उन पर जानलेवा हमला किया गया है. विदित हो कि गिरिराज सिंह ने चुनाव के दरम्यान कहा था कि जो भाजपा विरोधी हैं वे पाकिस्तान चले जाएं. चुनाव के कुछ ही दिन बाद भाजपा को वोट न देने के अपराध में बेगूसराय में ही सीपीआई के नेता फागो तांती की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई थी. आरा में भी सामंती-अपराधियों का दलित-पिछड़ों पर लगातार हमले हो रहे हैं. हम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से पूछना चाहते हैं कि क्या यही सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास है? और क्या इसी के लिए देश की जनता ने उन्हें अपार बहुमत प्रदान किया है?


बिहार की राजधानी पटना आज पूरी तरह अपराधियों के चंगुल में है और दिनदहाड़े अपराधी हत्या व लूट जैसी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं. अभी कुछ दिन पहले भागलपुर में जिस लड़की पर एसिड अटैक हुआ था, उसकी मृत्यु हो गई. बिहार की जनता ने भाजपा-जदयू को इन चीजों के लिए जीत नहीं दिलाई है. भाकपा-माले ऐसी घटनाओं के खिलाफ लगातार संघर्ष करने के लिए प्रतिबद्ध है.
विगत 27 मई 2019 को भाकपा-माले की एक जांच टीम ने बेगूसराय के निजी अस्पताल में उन्माद-उत्पात की ताकतों के हमले में बुरी तरह घायल चेरिया बरियापुर थाना क्षेत्र के खाजंहापुरा के मुस्लिम नौजवान मो. कासिम व उनके परिजनों से मुलाकात की. मो. कासिम बेहद गरीब मुस्लिम नौजवान हैं और फेरी लगाकर अपना जीवन यापन करते हैं. उन्मादी-अपराधियों ने नाम पूछकर हत्या की नीयत से उन्हें गोली मारी थी.


भाकपा-माले जिला सचिव दिवाकर प्रसाद ने सभी हमलावरों की अवलिंब गिरफ्तारी की मांग की और जिला प्रशासन से सरकारी खर्च पर मो. कासिम के इलाज की भी मांग की. उन्होंने कहा कि भाजपा की जीत के बाद पूरे देश में उत्पात और उन्माद की हत्याएं एक बार फिर से बढ़ गई हैं और अब बिहार भी इससे अछूता नहीं है.


उन्होंने कहा कि इस घटना पर जिला प्रशासन चुप क्यों है? वह कार्रवाई क्यों नही कर रही है? उल्टे घटना के खिलाफ बोलने व प्रतिरोध कर रहे वाम और अन्य दूसरे राजनीतिक-सामाजिक कार्यकर्ताओं के उपर ही झूठे आरोप के तहत मुकदमा दर्ज कर दिया जा रहा है.
खेग्रामस के जिला सचिव चन्द्रदेव वर्मा ने कहा कि हाल के दिनों में आरा और बेगूसराय जिला में वाम समर्थकों और दलित, गरीब, पिछड़ी जातियों एवं अल्पसंख्यकों पर भाजपा, संघ परिवार व बजरंग दल के गुण्डांे का हमला बढ़ा है।


कामरेड फागो तांती की हत्या इसी कड़ी के रूप में है. हत्यारे की गिरफ्तारी अभी तक नहीं हुई है. पुलिस की भूमिका कई सवाल खड़े कर रही है.


हमारी पार्टी भाकपा माले वामपंथी, लोकतांत्रिक, प्रगतिशील, संस्कृतिकर्मी, न्याय पसंद नागरिकों को संगठित कर आन्दोलन तेज करेगी और साम्प्रदायिक फासीवादी उन्मादी ताकतों को मुहंतोड़ जबाव देगी.

और पढ़ें

ऊपर जायें
%d bloggers like this: