तैयारी जीत की कोडरमा 2019:- कोडरमा लोकसभा क्षेत्र में पिछले तीन महीने के दौरान बड़े पैमाने पर व्यापक रूप से राजनीतिक जनगोलबंदी की एक संक्षिप्त रिपोर्ट हैं

का. महेंद्र सिंह के शहादत दिवस पर बगोदर के बस स्टैंड में आयोजित जनसंकल्प रैली कोडरमा लोकसभा क्षेत्र में भाकपा (माले) की चुनावी तैयारियों की भी एक झलक पेश कर रही थी. बगोदर बस स्टैंड के चारो ओर, सरिया रोड से हजारीबाग रोड तक जीटीरोड के दोनों तरफ, क़रीब एक किलोमीटर तक लाल झंडों की उठती लहर के बीच इस बात के पर्याप्त संकेत मिल रहे थे कि इस रैली के साथ ही भाकपा (माले) ने कोडरमा में अपने चुनाव अभियान का बिगुल फूंक दिया है.

जनसंकल्प रैली और सभा समाप्ति के बाद भी बहुत देर तक ‘भाजपा भगाओ, झारखंड बचाओ, लोकतंत्र बचाओ, संविधान बचाओ, देश बचाओ’ के जोरदार नारों की गूंज सुनायी पड़ती रही, ढोल-मांदल पर पड़ते थाप के साथ नाचते-गाते थिरकते महिला-पुरुषों का समूह बगोदर की सड़कों पर मार्च करता रहा.

प्रिंट मीडिया हो या इलेक्ट्रॉनिक, सोशल मीडिया हो या अखबार सब जगह अगले दिन इस रैली की खबरें बेहद प्रमुखता के साथ मौजूद थीं. कई पत्राकारों व लेखकों ने का. महेन्द्र सिंह के प्रति विशेष उदगार जाहिर किए और जनसंकल्प रैली और भाकपा (माले) के बारे में पोस्ट व लिंक शेयर किये. राजधानी रांची से प्रकाशित होनेवाले अखबारों व समाचार चैनलों ने भी प्रभावकारी प्रस्तुति दी.

रैली में आये लोगों और कार्यकर्ताओं से बातचीत के  दौरान यह जाहिर हुआ कि इस बार की यह गोलबंदी पिछले किसी भी बर्ष की तुलना में तीन से पांच गुना ज्यादा थी। राजनीतिक हलकों में इसे क्षेत्रा की भाकपा (माले) विरोधी व प्रतिद्वंदी ताकतों को आईना दिखाने जैसा माना जा रहा है. यह भी चर्चा है कि जेवीएम 22 जनवरी को झुमरी तिलैया के ब्लॉक मैदान पर जो एक आमसभा की तैयारी चला रही थी, उसने अपने कार्यक्रम को कार्यकर्ता बैठक में बदल दिया। कार्यकर्ता बैठक को प्रभावकारी बनाने के लिए शरद यादव को बुलाया गया और अंदर-अंदर राजद की अन्नपूर्णा देवी से भी मदद ली गई. इसमें कोई संदेह नहीं कि इस रैली में हुई विशाल जनराजनीतिक गोलबंदी का संदेश दूर-दूर तक जायेगा और देर तक कायम रहेगा.

साफ जाहिर है कि मौजूदा राजनीतिक परिस्थिति में भाकपा (माले) झारखंड की व्यापक जनता – आदिवासियों, अल्पसंख्यकों, दलितों, मजदूरों, किसानों, महिलाओं, पारा शिक्षकों, रसोइया-आशा समेत तमाम स्कीम वर्करों आदि मेहनतकश समुदायों के साथ ही लोकतंत्रा पसंद-न्यायप्रिय नागरिकों व पढ़े-लिखे बौद्धिक समुदाय की जरूरत बनकर सामने आयी है. रैली की तैयारी के दौर में भाकपा (माले) व जनसंगठनों की ओर से पूरे कोडरमा लोकसभा क्षेत्रा में कई तरह की राजनीतिक पहलकदमियां ली गई.

सबसे पहले बगोदर विधनसभा क्षेत्रा का जायजा लेते हैं. 22 दिसंबर को बगोदर बस स्टैंड में इंसाफ मंच का एकदिवसीय कन्वेंशन संपन्न हुआ जिसमें डेढ़ हजार से अधिक लोगों ने भाग लिया. यह कन्वेंशन देश भर में भाजपा सरकारों द्वारा प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से आम जनता, खासकर दलितों व अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों  के संवैधानिक अधिकारों पर लगातार बढ़ते हमले के खिलाफ आयोजित हुआ था. इस कन्वेंशन को पूर्व विधायक का. विनोद सिंह, राजधनवार के माले विधायक राजकुमार यादव, मुस्तकीम अंसारी, अशरेश तुरी, उस्मान अंसारी, कौशल्या दास आदि ने संबोधित किया. कन्वेंशन ने राज्य भर में चल रहे पारा शिक्षकों के आंदोलन का भी समर्थन किया।

विगत 6 नवंबर को भाजपा के जमुआ विधायक केदार हाजरा द्वारा एक बलात्कार पीड़िता और उसकी मां को भरी पंचायत में चप्पल से पीटने और चुप रहने की धमकी देने का मामला सामने आया. विरोध बढ़ता देख कोडरमा के भाजपा सांसद रविंद्र राय भी अपने विधायक के बचाव में उतर गये. 10 नवंबर को जमुआ में हज़ारों लोगो ने भाजपा विधायक की विधानसभा से बर्खास्तगी की मांग को लेकर प्रतिवाद मार्च निकाला. का. विनोद सिंह, का. राजकुमार यादव, जिला परिषद सदस्य पूनम महतो, मीना दास, कौशल्या दास, सरिता महतो, सरिता साव समेत कई भाकपा (माले) व ऐपवा नेताओं ने इस मार्च की नेतृत्व किया. इस मार्च में बड़ी संख्या में महिलाएं और स्कूल-कॉलेज की छात्राएं भी शामिल रही। उसी दिन बगोदर में भी ऐपवा के बैनर से एक प्रतिवाद मार्च निकाला गया.

15 नवंबर को झारखंड राज्य स्थापना दिवस मनाया जाता है. अपने सम्मानजनक वेतनमान और स्थायीकरण की मांग को लेकर आंदोलनरत हजारों पारा शिक्षकों पर उसी दिन राजधानी रांची में पुलिस ने बर्बर लाठीचार्ज किया. सैकड़ों पारा शिक्षक गिरफ्तार कर लिये गये. इसके विरोध में भाकपा (माले) और उनके जन संगठनों ने लगातार और धारावाहिक कार्यक्रम आयोजित किए गए. बगोदर में उसी दिन भाकपा (माले) और आइसा-इनौस द्वारा मशाल जुलूस निकाला गया. 16 नवंबर को भाकपा माले-ऐपवा की ओर से तथा 17 नवंबर को माले समर्थित जनप्रतिनिधियों की ओर से अलग-तलग प्रतिवाद मार्च निकालकर मुख्यमंत्री रघुवर दास का पुतला दहन किया. भाकपा (माले) ने 20 नवंबर को पारा शिक्षकों के ‘जेल भरो अभियान’ को अपना पुरजोर समर्थन देते हुए मिलकर गिरफ्तारियां दी. पार्टी के सभी जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति सदस्य, प्रखंड प्रमुख-उप प्रमुख व अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी गिरफ्तारी दी. साथ ही पारा शिक्षकों के आंदोलन के प्रति दोहरा रवैया अपनाने वाले सांसद रविंद्र राय और स्थानीय विधायक नागेंद्र महतो का पुतला दहन किया गया.

22-23 नवंबर को बगोदर के दोंदलो में हजारीबाग, कोडरमा और गिरिडीह के जिला कमेटी सदस्यों की संयुक्त बैठक आयोजित हुई. बैठक में राज्य भर में आक्रामक रूप से चल रहे पारा शिक्षकों के आंदोलन के समर्थन में जिला मुख्यालयों में विरोध के बड़े कार्यक्रम लेने का निर्णय हुआ। 28 नवंबर को का. पच्चू राणा, एसके राय व सुधीर यादव के नेतृत्व में हजारीबाग में तथा जिला सचिव मोहन दत्ता, रामधन यादव, प्रेमप्रकाश के नेतृत्व में कोडरमा में जिला स्तरीय धरना दिया गया. 29 नवंबर को 1500 से अधिक लोगो ने गिरीडीह में विरोध प्रदर्शन कर पारा शिक्षकों पर राज्य दमन का प्रतिवाद किया. इस समर्थन ने राज्य भर में पारा शिक्षकों पर अच्छा प्रभाव छोड़ा है।

गैस पाइप लाइन बिछानेवाली गेल और जीटी रोड-6 का काम कर रही एनएचआई कंपनियों द्वारा मनमाने तरीके से जमीन अधिग्रहण किये जाने से प्रभावित किसान लंबे समय से आंदोलनरत हैं. विगत 11 दिसंबर को बगोदर के औरा बाजार में एक बड़ी सभा की गई. सभा में 1000 से अधिक प्रभावित किसानों ने हिस्सा लिया। सभा में अधिग्रहित किये गए जमीनों का शत-प्रतिशत मुआवजा दिए जाने, आवासीय व व्यावसायिक भूमि का कृषि के बजाय आवासीय और व्यावसायिक दर से मुआवजा देने की मांग की गयी. जिस  गैरमजरूआा जमीन पर लोग वर्षों से घर बनाकर रह रहे हैं उसका भी मुआवजा देने की मांग की गई. इन मांगों को पूरा न किए जाने की स्थिति में काम न होने देने की चेतावनी भी दी गई. सभा को को सथानीय नेताओं के साथ ही का. विनोद सिंह व किसान सभा के प्रदेश सचिव पूरन महतो ने भी संबोधित किया। प्रभावित किसानों की जायज मांगों को लेकर लगातार जीवंत आंदोलन से किसानों में पार्टी के प्रति विश्वास और भरोसे को और बल मिला है।

का. विनोद मिश्र के स्मृति दिवस 18 दिसंबर से लेकर शहीद महेंद्र सिंह के शहादत दिवस 16 जनवरी तक (लगभग एक माह) बगोदर में भाकपा (माले) ने द्वारा जन संकल्प अभियान चलाया जाता है. यह अभियान इस साल काफी जोशीले तरीके से चलाया गया. बगोदर के पूर्वी जिला परिषद के 7 पंचायतों को लेकर बेको में एक सभा का आयोजन किया गया था. सभा में का. महेंद्र सिंह शहादत दिवस कार्यक्रम में अधिकतम जनगोलबंदी का लक्ष्य लिया गया.

11 जनवरी को बगोदर के घंघरी से लेकर अटका तक 30 किलोमीटर लंबा मोटरसाईकिल जुलूस निकाला गया. इसमें चार सौ से भी अधिक मोटरसाईकलें शामिल थीं। विशेष जनसंकल्प अभियान के दौरान कई शाखा सम्मेलन आयोजित हुए तथा लोकल कमिटियों की बैठकों और ग्राम सभाओं का आयोजन किया गया. इस सघन प्रचार-प्रसार की वजह से बिगोदर प्रखण्ड र्से ग्यारह हजार से भी अधिक लोगों ने 16 जनवरी को जनसंकल्प रैली में शामिल हुए.

सरिया

सरिया थाना अंतर्गत अमनारी पंचायत के पूर्व पंचायत समिति सदस्य द्वारिका यादव की हत्या कर दी गई थी. वे शाम को अपनी दुकान से घर लौट रहे थे। लगातार छिनतई, चोरी और अब हत्या की यह घटना एक ओर अपराधियों के बढ़ते मनोबल और पुलिस प्रशासन की निष्क्रियता को सामने लाया था. आम जन में काफी आक्रोश था। सरिया इलाके में लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाओं को देखते हुए 12 दिसंबर को भाकपा माले, आइसा व इनौस के नेतृत्व में सरिया बाजार में 500 से अधिक लोलों का प्रतिवाद मार्च निकला और सभा आयोजित हुई.

जनसंकल्प रैली की तैयारी के दौरान सरिया प्रखण्ड को चार क्षेत्रों में बाटकर क्षेत्रीय जनसभायें आयोजित की गईं. अन्य नेताओं के साथ का. विनोद सिंह ने भी इन जनसभाओं को संबोधित किया. ये जनसभायें साढ़े चार सालों के दौरान आम जन के साथ भाजपा सरकारों द्वारा किये गये विश्वासघात के खिलाफ जनगोलबंदी के रूप में आयोजित हुईं. सघन ग्रामसभाओं और कैडर गोलबंदी के कारण ही आठ हजार से अधिक लोग 16 जनवरी को बगोदर पहुंचे।

इसके अलावे आइसा-इनौस के बैनर तले छात्रा-नौजवानों की गोलबंदी भी जारी रही. इसके विशेष प्रयास के बतौर 9 नवम्बर को इन संगठनों द्वारा सरिया स्टेडियम में नाँक आउट, फुट टूर्नामेंट के फाइनल मैच मुकाबला आयोजित किया गया. एक हजार से अधिक नौजवानों और खेल प्रेमियों ने इस आयोजन में हिस्सा लिया. लगभग एक पखवारे तक चले टूर्नामेंट के पफाइनल मैच के दिन का. विनोद सिंह व का. राजकुमार यादव विशेष तौर पर बुलाये गये थे.      

राजधनवार

6 दिसंबर बाबरी मस्जिद शहादत दिवस पर राजधनवार के लाल बाजार मैदान में इंसाफ मंच का विधानसभा स्तरीय एकदिवसीय कन्वेंशन का आयोजित हुआ. तीन हजार से भी अधिक लोगो ने इसमें हिस्सा लिया। इस कन्वेंशन को केन्द्रीय कमिटी सदस्य का. मो. सलीम, का. विनोद  सिंह और का. राजकुमार यादव ने संबोधित किया।

राजधनवार में सबलाडीह (डोरंडा) की एक नाबालिग लड़की के गायब हो जाने की घटना हुई. पुलिस ने बाद में कोलकाता से उस लड़की को बरामद किया. वहां से घर लाने के क्रम में पुलिस ने उसके साथ बदसलूकी की. नवंबर माह में यह मामला उजागर हुआ. भाकपा (माले) और ऐपवा के नेतृत्व में इसके खिलापफ राजधनवार में जबरदस्त प्रतिवाद हुआ। जिला परिषद सदस्या रेखा अग्रवाल, जयंती चैधरी और मीना दास के नेतृत्व में ऐपवा की एक जांच टीम ने लड़की के गांव का दौरा भी किया. का. राजकुमार यादव की विशेष पहलकदमी पर बदसलूकी के दोषी पुलिस एसआई बुद्धदेव उरांव और इसमाईल मरांडी को निलंबित होना पड़ा.

चितरडीह में दलितों-गरीबों की 28 डिसमिल से अधिक जमीन पर गांव के ही दबंगो द्वारा कब्जा किये जाने के खिलापफ भाकपा(माले) के नेतृत्व में सफल लड़ाई लड़ी गयी. दलितों को जमीन पर दखल दिलवाया गया और आधे दर्जन मकान बनवा दिए गए। इस से बौखलाए दबंगो ने 17 दलितों समेत भाकपा;मालेद्ध के प्रखण्ड सचिव किशोरी अग्रवाल पर झूठे मुकदमे दर्ज करवाये हैं. उन्होंने प्रशासन को पैसे देकर उनकी गिरफ्रतारी के लिए गैरजरूरी दबाब बनाने की कोशिश भी की है.

नए साल पर 30 दिसम्बर व 4 जनवरी कोद्ध गावां प्रखण्ड के बिशनीटिकर गांव में विधानसभा के तीनों प्रखण्डों के साथियो का कैडर कन्वेंशन हुआ. इसमें राजधनवार से भी कई प्रमुख कार्यकर्ता शामिल हुए. बैठक में विशेष जनसंकल्प अभियान को सघन तरीके से संचालित करने की योजना बनाई गई और भाजपा सरकार की जनबिरोधी नीतियों से अधिक से अधिक गांवो की जनता को अवगत कराने और 16 जनवरी को बगोदर में आयोजित होनेवाली जनसंकल्प रैली में भारी तादाद में गोलबंद करने का अभियान चलाया गया. इसके लिए गावां प्रखंड के पिहरा पंचायत से तीसरी प्रखंड के लोकाय पंचायत एबं सुदूर कोडरमा जिला के सातगामा प्रखंड तक में कई दिनों का जनसंपर्क अभियान चलाया गया. का. राजकुमार यादव भी कई कार्यक्रमों में शामिल हुए। स्थानीय मुद्दों को भी सामने लाया गया.

नवंबर-दिसंबर महीनों में ही बिरनी प्रखण्ड में का. सीताराम सिंह के नेतृत्व में स्थानीय और राजनीतिक मुद्दों को जोड़ते हुए गांव व पंचायत स्तर तीन-चार बड़ी गोलबंदियां की गईं. एक हजार से भी अध्कि लोग हर जगह शामिल हुए. कई नये गांवों मे भी राजनीतिक संपर्क कायम हुआ है। जनगोलबंदी की मात्रा थोड़ी छोटी होने के बाबजूद जमुआ व देवरी प्रखंडों व्यापक जनसम्पर्क अभियान चला है.

गांडेय

का. विनोद सिंह व राज्य कमिटी सदस्य का. राजेश यादव  की मौजूदगी में 29 दिसंबर को खंडौली में गांडेय विधानसभास्तरीय कार्यकत्र्ता कन्वेंशन आयोजित हुआ.  15 जनवरी को बेंगाबाद में सैकड़ो की संख्या में मोटरसाईकिल जुलूस निकाला गया और 16 जनवरी को बगोदर चलने का आह्वान किया गया.

5 जनवरी को डोमचांच के पंचायत भवन में पोलित ब्यूरो सदस्य का. मनोज भक्त, का. बिनोद सिंह और कोडरमा जिला सचिव मोहन दत्ता की मौजूदगी में जिलास्तरीय कैडर कंवेंशन किया गया. इसमें लगभग पांच सौ कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया. पिछले दिनों  कोडरमा जिला में भी बहुआयामी गतिविधियां संचालित की गईं. 10 से 13 जनवरी तक  जयनगर प्रखंड में  रुपईडीह पंचायत के कई गावों में जनसंपर्क अभियान चलाया गया. 12 जनवरी को मरकच्चो प्रखंड में नाबालिग बच्ची की निर्मम हत्या के खिलापफ ऐपवा नेता का. गीता मंडल के नेतृत्व में प्रतिवाद मार्च निकाला गया. ऐपवा आंदोलन के दबाव में हत्यारों की गिरफ्तारी हुई. 9 जनवरी को रसोइयों के मुद्दे और अधिकार के सवाल पर और उनकी राज्यव्यापी हड़ताल के समर्थन में मार्च निकाला गया। 14 – 20 जनवरी के बीच जनसम्पर्क अभियान चलाकर 16 जनवरी के बगोदर और 22 जनवरी को मरकच्चो में व्यापक जनगोलबंदी की गारंटी की गई.

इसके अलावे सातगामा प्रखंड में भी व्यापक जनसंपर्क अभियान चला. कोडरमा जिला में सापेक्षिक रूप से कम ताकत होते हुए भी हमारी गतिविधियों में काफी विस्तार हुआ है। बरकट्ठा प्रखंड में भी एनएच-2 के किनारे कैसरे-हिन्द की जमीन पर बसे दुकानदारों को उजाड़ने के खिलापफ प्रखंड मुख्यालय पर धरना दिया गया. माले विधायक का. राजकुमार यादव भी इसमें शामिल हुए. का. भुबनेश्वर केवट के नेतृत्व में एक बैठक आयोजित कर 6 दिसम्बर को डा. अम्बेडकर की श्रधांजलि सभा आयोजित करने की योजना बनाई गई. दलित समाज से आए लगभग 50 कार्यकर्ताओं ने इस बैठक में हिस्सा लिया और 6 दिसम्बर को 125 परिवारों के लोगों ने आमसभा में भागीदारी की. इस बैठक के बाद सेकुलर मार्च निकाला गया। एनएच-2 पर कार्यरत गेल कंपनी द्वारा विस्थापित किए गए लोगों का आंदोलन, 12 दिसम्बर को पारा शिक्षकों के समर्थन में आंदोलन, उनके द्वारा जनप्रतिनिधियों के आवास पर घेराव के समर्थन में ली गई पहलकदमी का असर रहा और जनता का एक बड़ा जत्था 16 जनवरी को बगोदर में आयोजित जनसंकल्प रैली में शामिल होने पहुंचा.

रिपोर्ट:- सुखदेव प्रसाद

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