नीतीश-मोदी के ‘सुशासन’ में एक और बेटी, खुशबू की सांस्थानिक हत्या

नीतीश-मोदी सुशासन में बेटियों के बर्बर उत्पीड़न व हत्याएं बेखौफ जारी है.उत्पीड़न व हत्या की घटनाओं में कोई कमी आने या रुकने की बात तो दूर, इसकी शिकार बेटियों को कोई न्याय भी नहीं मिलता है.इस तरह उनकी हत्या दुबारा होती है.यह सुशासन है या दुःशासन ? दरअसल यह दोनों ही है,सुशासन भी और दुःशासन भी.

उत्पीड़कों,दुष्कर्मियों,लुटेरों,भ्र्ष्टाचारियों,घोटालेबाजों,माफियाओं,धनाढ्यों,दबंगों और पुलिस-प्रशासन के लिए यह सुशासन है,जबकि कमजोर वर्गों,बेटियों,महिलाओं,उत्पीड़कों, दलित-गरीबों,अपने हक़-अधिकार की आवाज उठाने वाले तमाम लोगों के लिए यह दुःशासन है.

खुशबू इंदिरा गांधी मेडिकल संस्थान,पटना में नर्सिंग की प्रथम वर्ष की छात्रा थी.उसके डेढ़ साल का एक बच्चा है.वह घोषी ब्लॉक ,जहानाबाद की थी और दलित समुदाय से आती थी.उसने 3 दिसम्बर 2018 को अपने कमरे में आत्महत्या कर ली.

जांच से पता चला कि संस्थान में छात्रों के साथ तरह तरह की बदसलूकी होती है.उन पर भद्दी-भद्दी फब्तियां कसी जाती हैं,यौन उत्पीड़न के लिए विभिन्न तरह के दबाव दिए जाते हैं,भेदभाव व परेशान किए जाते हैं आदि,आदि.इस तरह की हालत से आजिज़ आकर ही खुशबू ने आत्महत्या की.लिहाजा बेशक यह सांस्थानिक हत्या है. इसे आत्महत्या कहना कतई उचित नहीं है.और,इस हत्या के लिए अव्वल जिम्मेदार नीतीश-मोदी सरकार है.मगर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार चुप्पी साधे हुए हैं.बोलना उन्हें मुनासिब नहीं लगता.बहरहाल खुशबू को न्याय मिले,गुनहगारों को कड़ी सजा मिले इसको लेकर संस्थान की बहादुर छात्राएं सड़कों पर प्रोटेस्ट में उतर गईं,आमरण अनशन पर बैठ गईं.छात्राओं के संघर्ष को काफी जनसमर्थन मिला.छात्र संगठन आइसा और महिला संगठन ऐपवा ने जोरदार सक्रिय समर्थन दिया।विडंबना है कि मुख्यमंत्री चुप्पी साधे रहे और उनके स्वास्थ्य मंत्री श्री मंगल पांडेय जी तथा उप मुख्यमंत्री मोदी जी इसी बीच विदेश यात्रा पर निकल गए! समझिए, कितना गैजिम्मेदार सरकार है यह!
गुनहगारों को कड़ी सजा दो!

खुशबू को न्याय दो!
बिहार में और खुशबू नहीं,
इसकी गारंटी करो!

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